महाराष्ट्र में सीएम देेवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने गौ तस्करी को लेकर बड़ा फैसला किया है। फडणवीस सरकार ने राज्य में गौ तस्करी, अवैध गोवंश परिवहन और गैरकानूनी बूचड़खानों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। गृह विभाग की ओर से जारी नए आदेश में कहा गया है कि संगठित तरीके से गौ तस्करी करने वाले गिरोहों और रैकेट के खिलाफ अब सीधे महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई के निर्देश
महाराष्ट्र सरकार ने अपने आदेश में राज्य की सभी महानगरपालिकाओं, नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे अवैध बूचड़खानों की जांच कर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी स्थानीय प्रशासन को सौंपी गई है कि कहीं भी गैरकानूनी बूचड़खाने संचालित न हों।
गोवंश ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ भी एक्शन
सरकार द्वारा परिवहन विभाग को अवैध रूप से गोवंश ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा पुलिस, पशुसंवर्धन और परिवहन विभाग में अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त कर उनके संपर्क नंबर आम लोगों के लिए सार्वजनिक करने को कहा गया है।
सीमावर्ती जिलों में संयुक्त जांच चौकियां बनेगी
फडणवीस सरकार ने फैसला किया है कि महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में संयुक्त जांच चौकियां बनाई जाएंगी, जहां पुलिस, परिवहन विभाग, पशुसंवर्धन विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीमें नियमित जांच अभियान चलाएंगी। गौ तस्करी के संभावित रास्तों पर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों और पुलिस आयुक्तों को जिम्मेदारी
सरकार ने यह भी साफ किया है कि हेल्पलाइन नंबर 112 पर गौ तस्करी, अवैध गोवंश परिवहन या गैरकानूनी बूचड़खानों की शिकायत मिलते ही संबंधित पुलिस विभाग तुरंत कार्रवाई करेगा। इस पूरे अभियान की निगरानी और प्रभावी अमल की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों और पुलिस आयुक्तों को दी गई है।
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